सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं 8 तरीके : CIBIL Score kaise badhaye - CIBIL Score badhane ka tarika 2022

 

सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं ? – CIBIL Score badhane ka tarika

Cibil score kaise badhaye
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सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाते है ?

CIBIL Score kaise badhaye : क्या आप लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के बारे में सोच रहे हैं ? क्या आपको आकर्षित और कम ब्याजदरों पर लोन चाहिए ? क्या आप चाहते हैं की आपका लोन जल्दी स्वीकृत (approved) हो ? क्या-क्या चीजें लोन के आवेदन के लिए ज़रूरी है ? अगर आप यह सब चाहते हैं तो यह सुनिश्चित कर लें की आपका सिबिल स्कोर (CIBIL SCORE) अच्छा और बहुत अच्छा होना चाहिए तभी आप लोन के प्रोसेस के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन यह सिबिल स्कोर होता क्या है आप भी यही सोच रहे होंगे ?

उदाहरण के तौर पर समझते हैं की मान लीजिए आपने किसी अपने जानकार व्यक्ति को कुछ समय के लिए उधार पर पैसे दिए लेकिन जब पैसे लौटने का समय आया तो वह व्यक्ति बहाने लगाने लगा की पैसे अभी नहीं है और वह बहुत समय तक आपके उधार दिए हुए पैसे नहीं देता है या पैसे ही नहीं लौटता है तो क्या आप भविष्य में उस व्यक्ति पर दुबारा भरोसा कर सकते हो ?

आपका जवाब भी न ही होगा अब आप उस व्यक्ति के बारे में इतना तो समझ गए होंगे की आप दुबारा उसे उधार पर पैसे तो नहीं दोगे और अगर देते भी हो तो कम से कम आप चार बार तो ज़रूर सोचोगे ! ठीक उसी प्रकार कोई उधार देने वाली कंपनी या कोई बैंक यह कैसे पता लगाए की आप भी तो उस व्यक्ति की ही तरह तो नहीं हो क्योंकि कोई बैंक आपको व्यक्तिगत रूप (personally) से तो जानता नहीं है,

 तो उसके लिए बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी आपके सिबिल स्कोर की जाँच करता है और यह पता या अनुमान करता है की आप लोन चुकाने के लिए सक्षम हो पाओगे या नहीं , इसलिए सिबिल स्कोर कोई लोन को स्वीकृत होने के लिए पहला प्रभाव के (first impression) जैसे काम करता है | तो आज इस आर्टिकल में हम सिबिल स्कोर के बारे में जानेंगे, तो समझते हैं सिबिल स्कोर को विस्तार में

 

Cibil Score kaise badhaye 8 tarike


सिबिल स्कोर क्या है ?

CIBIL Score kya hota hai in hindi : बैंकिंग और लोन के क्षेत्र में आप लोगों ने यह सिबिल स्कोर का नाम ज़रूर सुना होगा | दरअसल सिबिल स्कोर 3 अंको का एक नंबर होता है जिसकी श्रेणी (range) 300 से लेकर 900 तक के बीच में होती है, जितना आपका सिबिल स्कोर 900 के करीब होगा उतना ही आपके क्रेडिट की रेटिंग अच्छी होगी इसका मतलब जितना हो सके आप अपने सिबिल स्कोर को अच्छा बनाने और बनाए रखने की कोशिश करें | सिबिल की फुल फॉर्म की बाते करें तो सिबिल का मतलब होता हैक्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेडयह एक कंपनी है जो आपके, हमारे और बाकी लोगों के क्रेडिट से जुड़ी जानकारियों का हिसाब और अभिलेख (record) रखती है |

जब कभी आप कोई लोन लेते हो या उधार पर और कोई वास्तु खरीदते हो, और इनका भुगतान करते हो तो इन सभी का आपके सिबिल स्कोर पर सीधा प्रभाव पड़ता है और इनका एक अभिलेख रखा जाता है जो की इन कंपनियां के पास भी रहता है | सिबिल की जैसी और भी ऐसी तीन कंपनियां है जिनके पास यह अभिगम (access) है की वह आपके क्रेडिट जुड़ी जानकारियां का अभिलेख रख सकें |

भारत में प्रमुख चार कंपनियां है जिनको RBI द्वारा लाइसेंस प्राप्त है की वह क्रेडिट से संबंधित जानकारियों का अभिलेख रख सके, और उनके नाम हैं सिबिल ट्रांसयूनियन, एक्स्पेरियन पब्लिक लिमिटेड कंपनी (Experian PLC), हाई मार्क फ़ेडरल क्रेडिट यूनियन (HighMark Federal Credit Union), और ईक्युफैक्स (Equifax), इन सभी कंपनियों में से सिबिल बहुत ही बहुचर्चित कंपनी है |

सिबिल कंपनी के पास लगभग 60 करोड़ (600 मिलियन) लोगों के क्रेडिट जानकारी का रिकॉर्ड है और करीब 3 करोड़ बिज़नस से जुड़े लोगों का अभिलेख है | भारत में सिबिल बहुत ही चर्चित और भरोसेमंद कंपनी है जिसकी वजह से आपके सिबिल स्कोर जो आपकी क्रेडिट से जुड़ी जानकारी को दिखलाता है उसका अच्छा होना बहुत मायने रखता है क्योंकि जितना अच्छा आपका सिबिल स्कोर होगा उतना ही आपके लिए वह फायदेमंद साबित होगा | बहुत से बैंक जैसे की सरकारी और प्राइवेट क्षेत्र के बैंक, NBFC बैंक, उधार देनी वाली कंपनियां (lending companies) आदि कंपनी और वित्तीय संस्थाओं के साथ सिबिल कंपनी का बंधन (tie-up) होता है जिसके माध्यम से आप बैंक से कोई लोन जैसी सुविधा का उपयोग करते हो या EMI पर कोई नई वास्तु खरीदते हो या अन्य कोई बैंक के द्वारा लेनदेन करते हो तो बैंक आपके लेनदेन की जानकारियों को इन सिबिल जैसी कंपनियों के साथ साझा करते हैं जिसके अनुरूप सिबिल कंपनी इन डेटा (data) की मदद से हर व्यक्ति की एक से सिबिल क्रेडिट रिपोर्ट तैयार की जाती है जिसको क्रेडिट इनफार्मेशन रिपोर्ट (CIR) के नाम से भी जाना जाता है, इस रिपोर्ट में किसी व्यक्ति की क्रेडिट जानकारी प्रदान की जाती है |

 

सिबिल स्कोर रेंज क्या है ?

सिबिल स्कोर तीन अंको का एक नंबर होता है जिसकी कंपनी द्वारा 300 से लेकर 900 तक एक रेंज तय की गई है, जिसमें 300 सबसे न्यूनतम (minimum) और 900 सबसे अधिकतम (maximum)  स्कोर होता है | आमतौर पर 700 से 750 के बीच का स्कोर अच्छा माना जाता है और अगर किसी व्यक्ति का स्कोर 750 से लेकर 800 तक और उससे भी ऊपर है तो वह स्कोर अति उत्कृष्ट (excellent) की श्रेणी कहलाया जाता है जिसकी वजह से किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के लोन मिलने की संभावना अधिक हो जाती है | लेकिन अगर किसी का सिबिल स्कोर 500-400 से नीचे होता है तो वह बहुत ही बुरा स्कोर कहलाया जाता, 600 के आस-पास का स्कोर ठीक-ठाक माना जाता है | 

किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर कभी एक सामान नहीं रहता है उसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं जो की आपकी वित्तीय गतिविधि (financial activity) और लेनदेन पर निर्भर करता है | 

 

 

सिबिल में क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट रिपोर्ट क्या होती है ?

जब कभी आप किसी लोन के लिए आवेदन करते हो तो बैंक सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर की जाँच करता है और सिबिल स्कोर अच्छा मिलने पर फिर बैंक आपके क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट रिपोर्ट आदि की जाँच करता है, और इनके मुताबिक ही बैंक यह पता लगा पाता है की आप कितने सक्षम हो उस लोन को चुकाने के लिए, और उसी के बाद ही आपको लोन प्रदान किया जाता है |

क्रेडिट हिस्ट्री किसी व्यक्ति के बीते हुए क्रेडिट लेनदेन के बारे में बताता है, यह एक तरह का अभिलेख होता है जिसके माध्यम से कोई बैंक यह जानकारी हासिल करता है की आप किसी लोन या उधार का भुगतान करते हो | क्रेडिट हिस्ट्री के द्वारा यह पता लगाया जा सकता है की बीते समय में आपने किन-किन लोन या EMI का भुगतान किया है | उधारकर्ता जब बैंकों से, लेंडिंग कंपनियों से, सरकारी बैंकों से, क्रेडिट कार्ड कंपनियों से, संग्रह एजेंसियों, और अन्य स्रोंतों से उधार लेता है तो इन सभी क्रेडिट के इतिहास का एक अभिलेख तैयार किया जाता है जिसे हम क्रेडिट रिपोर्ट कहते हैं | क्रेडिट रिपोर्ट में किसी व्यक्ति के क्रेडिट हिस्ट्री का एक रिकॉर्ड होता है | सिबिल स्कोर को बनने में आमतौर पर 2 से 3 साल के बीच का समय लगता है या हो सकता है की उससे कम समय लगे जो की इस बात पर निर्भर करता है की आप समय-समय पर लोन को चुकाते हो या नहीं |

 

सिबिल स्कोर क्यों ज़रूरी है ?

जो लोग किसी बैंक से किसी प्रकार का लोन लेते हैं या लोन लेने के लिए इच्छुक हैं तो उन लोगों के लिए सिबिल स्कोर बहुत ही मायने रखता है | अगर उस व्यक्ति का सिबिल अच्छा नहीं है तो बैंक लोन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बजाए आपके आवेदन को स्वीकार तक नहीं करेगा, मतलब की बैंक या कोई वित्तीय संस्था आपके ख़राब सिबिल स्कोर को देखते ही आपके द्वारा किए गए लोन के लिए आवेदन को पहले ही ख़ारिज कर देगा | बैंक आपके आवेदन को इसलिए रद्द कर देता है क्योंकि आपका सिबिल स्कोर आपके अतीत में लिए हुए लोन्स (लोन) के भुगतानों की छवि को दर्शाता है जिसका मतलब अगर आपका स्कोर बहुत बुरा है तो कोई भी बैंक आपको जल्दी से लोन नहीं देगा

जिसका सीधा-सीधा मतलब यह भी निकलता है की आप के द्वारा लिए हुए लोन को आपने चुकाया नहीं होगा या आपने समय-समय पर लोन की किश्तों का भुगतान नहीं किया होगा या कोई अन्य वजह भी हो सकती है जिसका सीधा प्रभाव आपके सिबिल स्कोर को ख़राब की दिशा में ले जाता है | तो ऐसी स्थिति में बैंक आप पर कैसे भरोसा कर सकता है या यूँ कहें की आप बैंक का लोन को स्वीकृत कराने के लिए कैसे भरोसा जीत सकते हो |

अगर आपने बीते हुए समय में कई प्रकार के लोन लिया हो और समय-समय पर आपने उन को चुकाया भी हो तो यह आपके सिबिल स्कोर पर अच्छे  तरीके से प्रभावित करता है तो इसकी वजह से आपका एक बेहतर सिबिल स्कोर बन जाता है जिसका असर भविष्य में अगर आप कोई नए लोन के लिए आवेदन करते हो तो उस पर पड़ता है, क्योंकि कोई भी बैंक या कोई वित्तीय संस्था या उधार देने वाली कोई कंपनी आपको कोई भी लोन प्रदान करने की प्रक्रिया में सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर की जाँच करता है | सिबिल स्कोर अच्छा और अति उत्कृष्ट पाने पर ही बैंक आपके लोन के आवेदन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है | जितना आपका सिबिल स्कोर अच्छा होगा उतना ही आपके लोन के स्वीकृत होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी लेकिन यह बैंक पर निर्भर करता है की वह आपके लोन को स्वीकृत करे या यहीं |

 

 

सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं ?

CIBIL Score kaise badhaye : यह प्रश्न (question) बहुत से लोगों को परेशान करता है की वह अपने सिबिल स्कोर को कैसे बढ़ाएं या कैसे उसको अच्छा बनाएं रखें, तो उसके लिए आप बहुत सी तरह की तकनीकों को अपना सकते हो, यहाँ पर नीचे दिए गए कुछ प्रस्तावों के साथ आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ा सकते हो

1. समय पर अपने बकाया का भुगतान करें :

       आप अगर कोई लोन लेते हो तो उसका भुगतान समय पर ही करें ऐसा करने से आपके सिबिल स्कोर पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और आपके सिबिल स्कोर में वृद्धि होती है |अगर आपसे अपने लोन की कोई EMI या क्रेडिट कार्ड की रीपेमेंट छूट गई है तो यहाँ पर आपको थोड़ा सावधान और संगठित हो जाना चाहिए |

       आपको अपने EMI के भुगतान के लिए अनुस्मारक (reminder) सेट करना चाहिए और एक अनुशासन में आपको अपने EMI और बकाया का ध्यान रखना होगा, इसके लिए आप स्वचालित भुगतान (automatic repayment) के विकल्प का चयन भी कर सकते हो |

       EMI या लोन को देरी से चुकाने पर न आपको दंड के साथ उसका भुगतान करना होगा बल्कि आपके सिबिल स्कोर पर एक बुरा प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से आपका सिबिल स्कोर कम भी हो सकता है, तो अगर आप वास्तव में चाहते हैं की सिबिल स्कोर में बढ़ोतरी हो तो आपको अपने बकाया का भुगतान समय पर करना होगा |

 

2. आप अपने क्रेडिट हिस्ट्री की समय-समय पर और लगातार जाँच करते रहें :

इस तरीके को अपनाने से आप आपने क्रेडिट हिस्ट्री की रिपोर्ट में हुए गलतियों से बच सकते हैं इसके लिए आपको अपने क्रेडिट रिपोर्ट पर निगरानी रखनी होगी और जाँच करते रहना होगा | आम तौर पर ऐसा होता नही है की सिबिल कंपनी आपके क्रेडिट से जुडी रिपोर्ट को अपडेट न करें या कोई गलती करदे लेकिन गलतियाँ किसी से भी हो सकती है | कई बार सिबिल कंपनी की तरफ़ से भी गलतियाँ हो जाती है जैसे की आपकी रिपोर्ट कई बार अपडेटेड नही होती है या अपडेट करते वक़्त आपकी रिपोर्ट में कुछ गलत जानकारी लिखी हुए हो सकती है

उदाहरण के लिए मान लेते हैं की आपने किसी लोन को समय पर चुका दिया है और उसका पूरा भुगतान कर दिया है लेकिन सिबिल कंपनी की तरफ से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में इसका विख्या ही नहीं है या कहें की आपकी रिपोर्ट अपडेटेड नहीं हुए है तो यह आपके सिबिल स्कोर पर बुरा प्रभाव दाल सकता है, तो इसलिए कोई लोन चुकाने के बाद नियमित तौर पर आप अपने क्रेडिट हिस्ट्री की जाँच करते रहें | अगर आपको ऐसी ही कुछ गलतियाँ नज़र आती हैं तो तुरंत आप अपनी रिपोर्ट में सुधार करवाएँ |

 

3. सह-हस्ताक्षरित, गारंटर या संयुक्त आवेदक (joint applicant) की जाँच करते रहें :

आमतौर पर संयुक्त रूप से बने खाते में किसी व्यकित को यह सलाह दी जाती है की वह सह-हस्ताक्षरित, गारंटर या संयुक्त आवेदक न बने या इसे नज़रंदाज़ करें क्योंकि अगर आपके संयुक्त आवेदक की वजह से लोन की कोई किश्त छूट या चूक जाती है तो आप भी दंड के उतने ही बराबर के भागीदार  होंगे जितना की आपका सह-आवेदक होगा | और तो और आपके संयुक्त धारक की गलती, लापरवाही और परिहार (avoidance) के नतीजे का नुकसान आपको भी उठाना पड़ सकता है जिसका बुरा प्रभाव आपके सिबिल स्कोर पर देखनो को मिल सकता है, इसलिए अगर आप किसी संयुक्त खाते में सह-आवेदक बन रहे हों या किसी को सह-आवेदक बना रहे हों या कोई गारंटर की भूमिका निभा रहे हों तो सावधानी से और सोच समझकर ही इसके बारे में सोचें, क्योंकि आपके द्वारा लिया हुआ कोई भी कदम आपके सिबिल को प्रभावित करता सकता है |

 

4. अधिक मात्रा में कोई भी चीज़ नुकसान पहुंचा सकती है :

यह तथ्य सच है और यह सब पर लागू भी होता है की कोई भी चीज़ ज्यादा मात्रा में आपके लिए हानिकारक साबित हो सकती है जैसा की एक समय में तरह-तरह के लोन लेना आपके लिए नुकसानदिए हो सकता है क्योंकि, आखिरकार अंत में वह लोन आपको को ही चुकाने है, तो एक समय में कई तरह के लोन लेने से बचें |

एक समय में ज़्यादा और कई प्रकार के लोन लेना आपके पास कम पैसे होने की छवि को भी दर्शाता है |और इससे यह संदेह उत्पान होता है की पता नही आप भविष्य में उस लोन की राशि को समय रहते चुकाने के सक्षम या योग्य हो पाओगे या नहीं |और अगर किसी कारणवर्ष आप लोन का भुगतान नहीं कर पाते हो तो इसकी वजह से आपका सिबिल स्कोर और कम हो जाएगा, इसलिए जितना हो सके एक वक़्त पर कम लोन ही लें |   

आप अपने क्रेडिट को सावधानी से इस्तेमाल करें | अगर आप एक समय में कई सारे लोन लेते भी हो तो जितना हो सके उतने कम लोन ही लें, ताकि आपको उन लोन को चुकाने में आसानी हो और समय पर आप उनका भुगतान भी कर पाएं |

एक-एक करके ही लोन लें इसका मतलब यह है की एक समय पर कोई एक लोन ही लें और उसको सफलतापूर्वक चुका दें फिर उसके बाद आप चाहें तो नए लोन के बारे में सोच सकते हैं या आवेदन भी कर सकते हैं | ऐसा करने से न सिर्फ आपके सिबिल स्कोर में वृद्धि होगी बल्कि आपके सिबिल स्कोर को एक बूस्ट (boost) (तेज़ी) भी मिलेगा |

 

5. क्षमता के अनुसार क्रेडिट लिमिट सेट करें :

कई बार हम अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट को सेट करते ही नहीं हैं और उसको इस्तेमाल करते रहते हैं जिसके परिणाम अनुसार हमें अंत में क्रेडिट को चुकाने में परेशानी कर सामना करना पड़ सकता है | तो ऐसी बेफजूल की मसिबतों से बचने के लिए आप अपने क्रेडिट कार्ड के लिमिट को सेट कर सकते हैं और मेरी राय आप अपने क्रेडिट कार्ड लिमिट को अपने चुकाने की क्षमता के मुताबिक ही सेट करें क्योकि आपको आपनी जेब को भी देख कर ही चलना होता है | और अगर आप ज़्यादा लिमिट सेट करने के बाद उसे नहीं चुका पाते हो तो इसका खराब प्रभाव आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है, तो इसलिए जितना आप अपनी क्रेडिट लिमिट को चुका सकते हो तो उतना ही अपने मुताबिक सेट भी करें |

एक तरीका आप यह भी अपना सकते हो की आप अपने क्रेडिट की लिमिट बढ़ा दें लेकिन अपने खर्चों पर थोडा लगाम कसें, मतलब की आप अपने ज़रूरतमंद चीजों पर ही खर्चें करें और बेफजूल के खर्चों से बचें, जिसका नतीज़ा यह होगा की आपकी लिमिट ज़्यादा होने के बाद भी आपके क्रेडिट के खर्चें कम होंगे | इस तरीके से आपका यह फायदा होगा की यह आपके सिबिल पर एक बेहतर, अच्छा और सकारात्मक प्रभाव डालेगा/छोड़ेगा |

6. एक बेहतर क्रेडिट मिश्रण का ताल-मेल बनाए रखें :

सिबिल स्कोर को बढ़ाने के लिए आप लंबे और कम समय की अवधि वाले लोन जैसे की सुरक्षित लोन (secured loan) (होम लोन, ऑटोमोबाइल लोन, आदि) और असुरक्षित लोन (unsecured loan) (एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड आदि) के मिश्रण का एक संयोजन बनाते हुए इस्तेमाल कर सकते हो | यह एक बेहतर और प्रभावशाली विकल्प है आपके क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने के लिए जिसकी मदद से आप जल्दी से और असान तरीके से अपने सिबिल स्कोर को बढ़ा सकते हो | 

 

7. क्रेडिट से जुड़े इतिहास (credit history) को बेहतर बनाए रखें :

जितना हो सके उतना आप अपने क्रेडिट से जुड़े इतिहास को साफ़ और बेहतर बनाए रखें क्योंकि इस प्रकार के हिस्ट्री बनाए रखने से आपको भविष्य में लोन मिलने की संभावना अधिक हो जाती है और यह आपके स्वरूप को भी  दिखलाता है और बैंक या कोई वित्तीय संस्था जो लोन प्रदान करते हैं उनको भी आप पर एक भरोसा बनता है की आप लिए हुए लोन को समय पर चुकाने के लिए सक्षम और योग्य हो | किसी प्रकार के लोन लेने में या कोई कर्ज लेने में कोई बुराई नहीं है बस आपको ध्यान इस बात का रखना है की आप उस कर्ज को समय रहते चुका दें और इस बात का भी ध्यान रखें की आप सही वक़्त पर सही प्रकार का लोन लें और उसको समझदारी और सही तरीके के साथ इस्तेमाल करें |

कभी भी आप अपने लोन की किश्तों को न रुकें या चुकाने में देरी न करें, अगर आप ऐसा करते हो तो इसका बहुत बुरा प्रभाव आपके सिबिल स्कोर पर पड़ता है जिसकी वजह से आपका सिबिल स्कोर कम हो जाएगा, इसलिए ऐसा तो आप कभी भी न करें |

 

8. कम लोन की राशि से सिबिल स्कोर बढ़ाएं :

शुरुआत में जब आपका सिबिल स्कोर कम होता है या स्कोर कम ही है तो यह तरीका आपके लिए बहुत ही किफायती साबित हो सकता है इसके लिए आप यह कर सकते हैं की शुरूआती दौर में आप छोटे-छोटे लोन या कम राशि वाले लोन लें और उसको सही समय पर चुका दें | लोन की राशि कम होने के कारण आप पर उसको चुकाने का दवाब भी कम होगा और आप आसानी से उसको चुका भी दोगे जिसकी वजह से थोड़ा ही सही लेकिन आपका सिबिल स्कोर बढ़ेगा ज़रूर |

आप यह भी कर सकते हैं की EMI पर कोई नई वास्तु खरीदें जैसे की कोई नया फ़ोन, TV, लैपटॉप, कंप्यूटर, वाशिंग मशीन, आदि प्रकार की चीज़ें जिनकी कीमत/मूल्य कम हो और फिर आप अपनी मासिक EMI का  समय-समय पर भुगतान कर दें | ऐसा करने से भी आपका सिबिल स्कोर ज़रूर बढ़ता है |

अगर आप ऊपर बताए गए तरीकों और चालों (tricks) को सही तरीके से अपनाते हो तो बीतते समय के साथ आपका सिबिल स्कोर अवश्य बढ़ेगा क्योंकि सिबिल स्कोर को बढ़ने में वक़्त लगता है |

 

 

 उमीद करता हु दोस्तों आपको समझ अ गया होगा की सिबिल स्कोर क्या है ? (cibil score kya hota hai) और सिबिल स्कोर कैसे बढाए ( Cibil score kaise badhaye) आज हमने 8 तरीके जाने सिबिल स्कोर को बढ़ाने के ( Cibil score kaise badhaye 8 tarike) अगर आप ध्यान रखते है इन 8 तरीको का तो आपका सिबिल स्कोर हमेसा अच्छा रहेगा और जब कभी भी आपको लोन की जरुरत पड़ेगी आप लोन ले पाओगे | कोई ओर सवाल हो या आपको कुछ पूछना हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में आप पूछ सकते है और Loan और Insurance से रिलेटेड जानकारी के लिए www.loanofferme.com पर विजिट कर सकते है यहाँ आपको लोन और इन्सुरांस से रिलेटेड जानकारियाँ मिलती है वो भी हिंदी में  , धन्यवाद !

 



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