सिबिल रिपोर्ट क्या होता है ? what is cibil report in hindi - how to read cibil report in hindi

सिबिल रिपोर्ट क्या होता है ? what is cibil report in hindi - how to read cibil report in hindi     

cibil report kya hota hai


सिबिल रिपोर्ट क्या है ? ( What is Cibil Report in hindi )

CIBIL Report kya hota hain : सिबिल रिपोर्ट आपके सिबिल स्कोर से जुड़ा एक टर्म है जो आपके क्रेडिट की सारी जानकारी प्रदान करता है| सिबिल रिपोर्ट किसी उधार्धारक की बहुत सी जानकारियां प्रदान की जाती हैं जैसे की क्रेडिट हिस्ट्री, व्यक्तिगत जानकारी, संपर्क जानकारी (contact information), लोन राशि की जानकारी, आपके के रोजगार की जानकारी आदि प्रकार की जानकारियां सिबिल रिपोर्ट में होती हैं | सिबिल रिपोर्ट एक संयुक्त क्रेडिट रिपोर्ट होती है जिसमें उधार्धारक की क्रेडिट्स से जुड़ी कई तरह की जानकारी प्रस्तुत होती है | सिबिल रिपोर्ट को कई बार हम क्रेडिट रिपोर्ट भी कहते हैं | जब कभी भी आप नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो आपका यह जानना महतवपूर्ण है की लेंडर या बैंक आपके सिबिल स्कोर के साथ-साथ आपके सिबिल रिपोर्ट की भी जाँच और विचार करते हैं |

 

आपके सिबिल रिपोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण हिस्से और बिन्दुएँ (Points) क्या हैं ? -

 

नीचे दिए गए कुछ महत्वपूर्ण हिस्से जो आपके सिबिल रिपोर्ट में मौजूद होते हैं -

       क्रेडिट सारांश (credit summary)

       अकाउंट हिस्ट्री (account history)

       पब्लिक रिकॉर्ड (public record)

       क्रेडिट एन्कुआरि (credit enquiry)

       सिबिल स्कोर (cibil score)

       व्यक्तिगत जानकारी (personal information)

       संपर्क जानकारी (contact information)

       लोन राशि की जानकारी (loan amount information)

       क्रेडिट हिस्ट्री (credit history)

       रोजगार की जानकारी (employment information)

 

आप आपने सिबिल रिपोर्ट से कैसे जानकारी प्राप्त कर सकते हो ?

ऊपर दिए गए कुछ महत्वपूर्ण भाग जो आपके सिबिल रिपोर्ट में मौजूद होते हैं अगर आप उनके बारे में जान जाओगे तो आप समझ सकते हो की अपनी सिबिल रिपोर्ट को किस प्रकार पढ़ा जाता है और जानकारी प्राप्त की जाती है | क्योंकि सिबिल रिपोर्ट में आपके क्रेडिट से संबंधित अनेक और विस्तृत जानकारियाँ होती हैं | अतीत (past) में आपके द्वारा लिए गए क्रेडिट् कार्ड् या लोन जैसे की होम लोन, एजुकेशन लोन, ऑटोमोबाइल लोन, पर्सनल लोन आदि इन सभी की एक हिस्ट्री और अभिलेख (रिकॉर्ड) आपके सिबिल रिपोर्ट में मौजूद होती हैं और समय-समय पर सिबिल कंपनी द्वारा उनमें अपडेट किए जाते हैं | अगर अतीत में आपने कोई लोन लिया हो और सही समय पर और ईमानदारी से और बिना किसी विलंब शुल्क (लेट फीस) के साथ आपने उस लोन को चुका दिया हो तो उस स्थिति में सिबिल कंपनी आपके इस भुगतान को आपके सिबिल रिपोर्ट में अपडेट (update) कर देती है | अगर ऐसी ही किसी जानकारी का आपके सिबिल रिपोर्ट में अपडेट नहीं किया गया हो या आपको ज्ञात होता है की गलत जानकारी अपडेट कर दी गई हो तो उस परिस्थिति में आप सिबिल कंपनी से संपर्क कर सकते हैं और जानकारी में सुधार करवा सकते हैं | आइये, ऊपर दिए गए बिन्दुओं को एक-एक करके उनके बारे में समझते हैं और जानकारी हासिल करते हैं -

 

क्रेडिट सारांश (credit summary) -

यह एक प्रकार का क्रेडिट सारांश होता है जिसमें आपके द्वारा तरह-तरह के लोन या क्रेडिट्स के अकाउंट, जो आपने बीते समय में और वर्तमान में लिए हुए होते हैं उनका एक लेख और जानकारी होती है और साथ ही में आपके क्रेडिट और लोन से जुड़े हुए शेष (balance) की भी जानकारी होती है | इस भाग में अलग-अलग प्रकार के अकाउंट का उल्लेख होता है और आमतौर पर इन जानकारियों को अलग-अलग गुटों में बाँटा गया है जैसे की रेवोल्विंग अकाउंट जैसे क्रेडिट कार्ड्स, ऑटो लोन/क़िस्त खाते (instalment accounts) जैसे कार लोन, संपत्ति के विरुद्ध लोन या रियल इस्टेट (real estate) एकाउंट्स जैसे होम लोन आदि प्रकार के एकाउंट्स की जानकारी शामिल की जाती हैं | 

 

अकाउंट हिस्ट्री (account history) -

अकाउंट हिस्ट्री में किसी व्यक्ति के क्रेडिट अकाउंट की जानकारी प्रदान की जाती है | जिसमें बहुत से चीजें शामिल होती हैं जैसे की किसी लेंडिंग कंपनी या बैंक का नाम जो आपको लोन प्रदान कर रहे हैं, आपने किस प्रकार के लोन या क्रेडिट के लिए आवेदन किए हैं और प्राप्त किए हैं, आपने किस दिन और तारीख को अपना अपना अकाउंट खुलवाया था, आपके क्रेडिट का वर्तमान शेष (current balance) कितना है, आपने हाल ही में कितने भुगतान किए हैं, आपके क्रेडिट और उनके खर्चों का और उनके भुगतानों का एक पूरा मासिक अभिलेख आपकी अकाउंट हिस्ट्री में शामिल होता है |

 

 पब्लिक रिकॉर्ड (public record) -

यह एक ऐसा सेक्शन/भाग हैं जिसमें आपके द्वारा हुए वर्त्तमान और पिछले दोनों बड़े वित्तीय स्लिपअप्स को सूचीबद्ध किया जाता है | जिसमें आपराधिक गिरफ्तारी या बैंक-रप्त (bankruptcies) शामिल हैं | तो इस खंड के लिए आपको बहुत ध्यान रखना है और यह समझना हैं की अगर ऐसी कोई भूल या कोई गलती के कारण ढूंढने की कोशिश करें और यह सुनिश्चित कर लें की आगे भविष्य में आप इन भूल को दुबारा न दोहराएँ |

 

क्रेडिट एन्कुआरि (credit enquiry) -

जब कभी भी आपके सिबिल स्कोर की जांच की जाती है तो एक तरीके से हम यह कह सकते हैं की आपके क्रेडिट की एन्कुआरि (जाँच-पड़ताल) की जाती है | जब-जब आप किसी नए लोन के लिए आवेदन करते हो या पूछताछ करते हो तो बैंक या कोई लेंडर आपके सिबिल स्कोर और रिपोर्ट की जाँच करता है, तो यह सभी क्रेडिट एन्कुआरि के तौर पर गिना जाता है | इस बात का आप ध्यान रखें की बीते समय में आपने या किसी थर्ड पार्टी जैसे की बैंक,लेंडिंग कंपनी के द्वारा जो भी एन्कुआरि की गई होंगी तो वह आपके सिबिल रिपोर्ट में शामिल कर दी जाती है | अगर आप भविष्य में कोई नए लोन या क्रेडिट के लिए आवेदन करते हो तो बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी आपके सिबिल रिपोर्ट में मौजूद क्रेडिट एन्कुआरि की जांच कर सकता है व दिखा भी सकता है की आपने अतीत में कितनी एन्कुआरि और आवेदन किए हैं |

 

 

सिबिल स्कोर (cibil score) -

आपका सिबिल स्कोर अतीत में आपके द्वारा लिए हुए लोन और उनके भुगतान के बारे में एक क्रेडिट व्यहार को दर्शाता है की आप लोन को चुकाने के प्रति कितने ईमानदार, और जागरूक हो | आपके सिबिल स्कोर यही आंकड़े किसी बैंक और लेंडर (lender) को यह अनुमान और विचार करने में मदद करते है की भविष्य में आप लिए लोन को चुकाने में सक्षम हो भी पाओगे या नहीं | सिबिल स्कोर 300 से लेकर 900 के बीच में होता है जिसमें 300 सबसे कम (न्यूनतम) स्कोर है तो वहीं 900 सबसे अधिक (अधिकतम) स्कोर होता है | जिस किसी भी व्यक्ति का स्कोर 900 के करीब होता है तो वह अच्चा और बहुत अच्छा स्कोर कहलाया जाता है | आपकी CIR (क्रेडिट इन्फोर्मेशन रिपोर्ट) रिपोर्ट केएकाउंट्सऔरएन्कुआरिवाले भाग में आपकी सिबिल स्कोर की जानकारी प्रदान की जाती है |  

 

व्यक्तिगत जानकारी (personal information) -

व्यक्तिगत जानकारी में आपका नाम, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि (date of birth), लिंग (gender), और आपका पहचान (identification number) के लिए कोई सबूत जैसे की पैन कार्ड नंबर, पासपोर्ट, वोटर आई डी नंबर आदि की जानकारियां शामिल होती हैं |

 

संपर्क जानकारी (contact information) -

इस खंड में आपकी संपर्क से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत होती हैं जैसे की आपके घर का पता (address), मोबाइल नंबर या टेलीफोन नंबर | यहाँ अधिकतम 4 पते मौजूद होते हैं यानि की इस भाग में आपके ज़्यादा से ज़्यादा कोई 4 पते ही जुड़ (add) सकते हैं |

 

लोन राशि की जानकारी (loan amount information) -

इस खंड में आपको यह जानकारी प्राप्त होती है की आपने जो भी लोन प्राप्त किए थे या जो भी लोन अभी वर्तमान में लिए हुए हैं उन सभी की राशि की जानकारी को आप यहाँ से हस्सिल कर सकते हो |

 

क्रेडिट हिस्ट्री -

आपके द्वारा अतीत में जो भी लोन या क्रेडिट कार्ड लिए गए हैं और आपने उन सभी लोन का भुगतान और क्रेडिट कार्ड के बिल्स को चुकाया है तो यह अभी आपके क्रेडिट हिस्ट्री में शामिल हो जाता है और यह आपके सिबिल स्कोर को सकारात्मक तरीके (positively) से प्रभावित भी करता है |आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बहुत कुछ बतला देती है जैसे की अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री एकदम साफ़ और सही है तो वह, यह दर्शाता है की आप अपने लोन की किश्तों को सही समय और इमानदारी के साथ चुकाते हो | जिससे यह प्रतीत होता है की आप एक अच्छे उधार्धारक (borrower) हो | आमतौर पर हमेशा से यही सलाह दी जाती है की जितना हो सके उतना आप अपने क्रेडिट हिस्ट्री को साफ़, ठीक और अच्छे बनाए रखें |

 

रोजगार की जानकारी (employment information) -

इस सेक्शन में आपकी मासिक या वार्षिक आय की जानकारी प्रदान की जाती है | और यह जानकारी सिबिल कंपनी बैंकों और लेंडिंग कंपनी या वित्तीय संस्था के साथ बंधन होने की वजह से साझा कर लेते हैं या प्राप्त कर लेते हैं |

 

 

क्या CIBIL जैसी और भी कंपनियां मौजूद हैं ?

 

हाँ, सिबिल के अलावा भी और तीन कंपनियां मौजूद हैं जो आपके क्रेडिट से जुड़ी जानकारियों का अभिलेख (record) रखती हैं | जिनके नाम हैं इक्युफेक्स (Equifax), एक्स्पेरियन (experian), हाई मार्क (High Mark) नीचे दिए गए उन कंपनियों में अंतर -

 

सिबिल (CIBIL) 

       ट्रांस यूनियन CIBIL की फुल फॉर्म होती हैक्रेडिट इन्फोर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड |

       सिबिल कंपनी की स्थापना 2000 में हुई थी |

       यह क्रेडिट जानकारी प्रदान करने और उनका डाटा प्रबंधित (manage) करने वाली सबसे पुरानी और बहुचर्चित कंपनी है |

       क्रेडिट जानकारियों के सिबिल कंपनी को RBI द्वारा लाइसेंस प्राप्त है |

       सिबिल स्कोर के रेंज की बात करें तो यह 300 से लेकर 900 के बीच तय की गई है | जिसमें 300 सबसे कम स्कोर होता है और 900 सबसे अधिक स्कोर होता है |

       यह कंपनी किसी इंडिविजुअल (individual) और किसी बिज़नस कंपनी के लिए सिबिल रिपोर्ट अथवा सिबिल रैंक प्रदान करती है |

इक्युफेक्स (Equifax) -

       इक्युफेक्स कंपनी को 2010 में लाइसेंस मिला था |

       इक्युफेक्स कंपनी की स्कोरिंग सिस्टम कुछ इस प्रकार है की 1 स्कोर सबसे कम होता और 999 सबसे ज़्यादा होता है क्योंकि इस कंपनी की स्कोर रेंज श्रेणी 1 से लेकर 999 के बीच होती है जो की सिबिल से अलग है |

       इस कंपनी को भी RBI द्वारा क्रेडिट इनफार्मेशन के लिए लाइसेंस प्राप्त है |

 

एक्स्पेरियन (experian)-

       भारत में इस कंपनी को 2010 में लाइसेंस प्राप्त हुआ था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तौर पर यह कंपनी 2006 से है |

       एक्स्पेरियन कंपनी के स्कोर रेंज की बात करी जाए तो यह भी सिबिल की ही तरह स्कोरिंग प्रदान करती है | जिसकी श्रेणी 300 से लेकर 900 के बीच होती है | जिसमें 300 सबसे न्यूनतम स्कोर होता है और 900 सबसे अधिकतम स्कोर होता है |

       इस कंपनी को भी RBI द्वारा क्रेडिट इनफार्मेशन के लिए लाइसेंस प्राप्त है |

 

 

 हाई मार्क (High Mark) -

       यह कंपनी 2007 से परिचालन में हैं लेकिन इस क्रेडिट इनफार्मेशन कंपनी को 2010 में लाइसेंस प्राप्त हुआ था |

       इसकी स्कोर रेंज 300 से लेकर 850 के बीच में होती है | 720 से उपर का स्कोर अच्छा माना जाता है तो वहीं 600 और उससे भी नीचे का स्कोर बुरा माना जाता है |

       इस कंपनी को भी RBI द्वारा क्रेडिट इनफार्मेशन के लिए लाइसेंस प्राप्त है |

 

 

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