Cibil score की पूरी जानकारी हिंदी में 2022

Cibil score की पूरी जानकारी हिंदी में

CIBIL Score क्या है ? CIBIL Score कैसे चेक करें ? CIBIL Score कैसे बढाए ? लोन लेने के लिए CIBIL Score कितना होना चाहिए ? Credit Score और CIBIL Score में क्या अंतर है ? ये सब सवाल तो आपके दिमाग में जरुर आता होगा जब भी लोन लेना होता है

What is CIBIL Score in hindi
cibil score kya hota hai in hindi


सिबिल स्कोर क्या है?  ( What is CIBIL Score in hindi )

 CIBIL Score kya hota hai : सिबिल स्कोर और कुछ नहीं बस आपके क्रेडिट इतिहास के बारे में बताता है | कई बार हम सिबिल स्कोर को समानार्थी शब्द जैसे क्रेडिट स्कोर भी कहते हैं | यह तीन अंकों का एक नंबर होता है जिसकी रेंज 300 से लेकर 900 के बीच होती है | 300 सबसे कम नंबर होता है तो वहीं 900 सबसे अधिक नंबर होता है, जितना आपका स्कोर 900 के करीब होगा उतना ही आपका स्कोर अच्छा माना जाता है, यह स्कोर दर्शाता है की इतिहास में आपने कोई लोन लिया हो और उसको सही समय पर चुका दिया हो, और तो और यह आपकी किसी उधार को चुकाने के प्रति इमानदारी को दिखलाता है |

 

 सिबिल एक कंपनी है जो की किसी व्यक्ति की क्रेडिट से जुड़ी जानकारी का अभिलेख (record) रखती है | “सिबिल” ( cibil ) का मतलब होता हैक्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड जो की RBI द्वारा मान्यता प्राप्त कंपनी है | यह कंपनी भारत में बहुत ही बहुचर्चित क्रेडिट इनफार्मेशन प्रदान करने, और उनका रिकॉर्ड रखने वाली कंपनी है | सिबिल की ही तरह ऐसी तीन अन्य कंपनियां और मौजूद है जिनको RBI द्वारा लाइसेंस्ड प्राप्त है |

 

जब कभी भी आप किसी लोन के लोन के लिए किसी बैंक या कोई वित्तीय संस्था या अन्य किसी के दरवाज़े खट-खटाते हो तो बैंक सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर की जांच करता है यानि वह आपके सिबिल स्कोर से आपके क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में जानने की कोशिश करता है और पता लगाता है की आप जिस लोन के लिए आवेदन कर रहे हो उसको भविष्य में चुकाने के सक्षम या योग्य हो भी या नहीं |

 

एक तरह से सिबिल स्कोर आपके क्रेडिट-वोर्थिनेस को दर्शाता है मतलब की आपको पर भरोसा करके क्या आपको कोई लोन उधार पर दिया जा सकता है या नहीं दिया जा सकता है | आपका क्रेडिट स्कोर यह भी दर्शाता है की आप उधार्धारक के रूप में कितने जोखिम भरे और भरोसे के लायक हो सकते हो | तो इसलिए आपके  सिबिल स्कोर का अच्छा होना कई मामलों में बहुत मायने रखता है, क्योंकि ख़राब सिबिल स्कोर के कारण आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है |

 

 

इसे भी पढ़े >> सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं 8 तरीके (सबसे आसान )

 

सिबिल स्कोर रेंज क्या है ? अच्छा स्कोर और बुरा स्कोर क्या है ?

सिबिल स्कोर तीन एक अंकों का नंबर होता है जिसकी श्रेणी 300 से लेकर 900 के बीच होती है | जिसमें 300 सबसे न्यूनतम स्कोर, और 900 सबसे अधिकतम स्कोर होता है | आमतौर पर 750 और उससे अधिक का स्कोर अच्छा माना जाता है | यहाँ नीचे दी गई कुछ सिबिल स्कोर की श्रेणी जो आपको विस्तार से समझने में मदद करेंगें -

 

NA/NH

अगर आपने अबतक बैंक या किसी उधार देने वाली कंपनी और संस्था से कोई भी लोन नहीं लिया है और आपने अबतक कोई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी नहीं किया है और EMI के माध्यम से आपने कोई नई वास्तु भी नहीं खरीदी, है तो इस परिस्थिति में आपका सिबिल स्कोर होगा ही नहीं यानि की या तो वहनोट एप्लीकेबलयानो हिस्ट्रीदिखाएगा | 

300-550

यह बहुत ही कम और बुरा स्कोर होता है, इस स्कोर से हम यह अनुमान लगा सकते हैं की अतीत में आपने कोई लोन को समय पर नहीं चुकाया होगा या आपने देरी से अपने लोन की EMI का भुगतान किया होगा या हो सकता है की आपने क्रेडिट कार्ड के समय पर बील नहीं भरे हों | इस स्कोर के साथ कोई भी बैंक से आपको लोन मिलने में बहुत दिकत्तों का सामना करना पड़ सकता है या यह भी हो सकता है की बैंक आपके के इतने कम स्कोर को देखते हुए आपको लोन प्रदान ही न करे क्योंकि कम बुरा स्कोर होने के कारण बैंक आप पर भरोसा कायम नहीं कर पाएगा और बैंक की नज़रों में आप एक जोखिम भरे उधार-धारक हो सकते हो |

550-650

यह एक ठीक-ठाक स्कोर होता है या कह सकते हैं की इस श्रेणी का स्कोर उचित होता है | इस स्कोर को देखते हुए कुछ ही बैंक या कोई वित्तीय संस्था आपको लोन प्रदान करने के बारे में सोच सकते हैं लेकिन हो सकता है की जिस लोन के लिए आप आवेदन कर रहे हों उसपर बैंक आपसे ज़्यादा ब्याजदर वसूल सकते हैं | आपको अपने सिबिल स्कोर को और बेहतर करने के लिए थोड़ी और मशक्कत करनी होगी | 

650-750

यह स्कोर ठीक और अच्छे की श्रेणी में कहलाया जा सकता है | इसका मतलब की आप सही रास्ते पर हो इसी प्रकार आप अपने सिबिल स्कोर को और बेहतर और अच्छा कर सकते हो | इस स्कोर को देखते हुए बैंक आपको लोन देने के बारे में सोच सकते हैं या हो सकता है की आपका लोन स्वीकृत भी कर लिया जाए |

750-850

750 का स्कोर और उससे ऊपर का स्कोर अच्छा होता है तो वहीं 800-850 का स्कोर बहुत अच्छा और उच्च माना जाता है | इस स्कोर के साथ आप बैंक से लोन प्राप्त कर सकते हो | यह स्कोर दर्शाता है की आप अपने लोन की राशि का सही समय पर भुगतान करते हो और अपने क्रेडिट बिल या लोन की EMI को समय-समय पर चुका देते हो | लोन प्राप्त करते वक़्त आप बैंक से कम ब्याजदर के लिए आग्रह और सौदेबाजी (bargaining) भी कर सकते हो |

850-900

इस श्रेणी का स्कोर अति उत्कृष्ट (excellent) होता है | इसका मतलब की आपने अतीत में और वर्तमान में अबतक कोई भी लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान से नहीं चूके हो यानि आपने समय-समय पर सभी बिलों का भुगतान किया है | इतने बढ़िया और अच्छे स्कोर को देखते हुए बैंक आपको लोन के प्रस्ताव प्रदान करेंगे, और साथ में आप कम ब्याजदरों पर लोन प्राप्त कर सकते हो |   

 

इसे भी पढ़े >> सिबिल स्कोर के बारे में AtoZ पूरी जानकारी   


सिबिल स्कोर -1 , 0 , 1 से 5 क्या दिखलाता है ?

सिबिल स्कोर का -1, 0, या 1 से 5 के बीच की श्रेणी में है तो वह यह दर्शाता है की उधार्धारक के कोई क्रेडिट हिस्ट्री का अभिलेख मौजूद नहीं है | मतलब की अगर किसी व्यक्ति ने अबतक कोई भी लोन या कोई क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट नहीं लिया है और उसका इस्तेमाल नहीं किया है तो, उस व्यक्ति का सिबिल स्कोर 0, -1 हो सकता है , जिसके परिणाम स्वरूप आपका क्रेडिट हिस्ट्री न होने के कारण सिबिल स्कोर अनुपलब्ध (नोट-एप्लीकेबल) या नो-हिस्ट्री दिखलाता है |  

अगर किसी व्यक्ति के नाम पर अतीत और वर्तमान में बैंक द्वारा कोई भी लोन या क्रेडिट नहीं लिया गया है तो उस व्यक्ति के क्रेडिट से जुड़ी कोई भी जानकारी और अभिलेख (रिकॉर्ड) सिबिल जैसी कंपनियों के पास मौजूद नहीं होती है जिसकी वजह से उनका सिबिल स्कोर 0, -1, 1 से 5 के बीच तय किया जाता है | लेकिन आप सोच रहे होंगे की सिबिल स्कोर की श्रेणी 300 से लेकर 900 के बीच होती है तो उस लिहाज़े से तो सबसे कम सिबिल स्कोर 300 होना चाहिए | आपका सोचना सही है सबसे न्यूनतम सिबिल स्कोर 300 ही होता है लेकिन यह जब आंका जाता है जब किसी व्यक्ति का क्रेडिट से जुड़ा कोई इतिहास हो यानि की बीते हुए समय में उस व्यक्ति ने कोई लोन लिया हो या कोई क्रेडिट कार्ड तो उसके मुताबिक उनका कोई सिबिल स्कोर उत्पन्न (generate) हो चुका होगा, इसलिए उन व्यक्तियों का कोई न कोई सिबिल होगा या हो सकता है उनका 300 के करीब हो | परंतु अगर किसी की कोई क्रेडिट हिस्ट्री ही नहीं है तो उनका सिबिल स्कोर 0 (ज़ीरो) या -1 दिखलाता है |

 

 

 

बैंक या कोई उधार देनी कंपनी (लेंडिंग कंपनी) यह कैसे निश्चित करती है की किसी व्यक्ति जिसकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है उनकों कैसे लोन दिया जाए ?

 

नए उधार्धरकों (borrowers) के लिए बैंक या कोई क्रेडिट एजेंसी नीचे दिए गए कुछ मापदंडों को अपनाते हैं -

 

उधार्धारक के बैंक खाते के डिटेल -

बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी उधार्धारक के बैंक खाते की जाँच करता है की उस व्यक्ति के खाते में एक उचित पैसे रहते हैं या नहीं | बैंक खाते में एक उचित अमाउंट होने से बैंक यह समझता है की उधार्धारक की वित्तीय स्थिति अच्छी है, और भविष्य में वह लोन की राशि को चुकाने में सक्षम हो सकता है | यदि किसी नए उधार्धारक के बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस से भी कम या उसी के बराबर पैसे रहते हैं तो इससे बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी यह अनुमान लगा लेती है की उस व्यक्ति की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं हैं | तो इसलिए किसी नए उधार्धारक के लिए यही ज़रूरी है की वह अपने बैंक खाते में एक उचित अमाउंट को बनाए रखे और लेनदेन भी करते रहें |

 

 

कोई चेक बाउंस नहीं होना चाहिए-

किसी व्यक्ति के बैंक खाते में शेष (बैलेंस) कम होने के कारण ही कोई चेक बाउंस हो जाता है या बाउंस होने की संभावना अधिक हो जाती है, जिसकी वजह से यह एक बुरे प्रभाव के तरह देखा जाता है | अनुशाषित तरीके से आपके बैंक खाते के प्रति कोई चेक क्लियर हो जाता है तो वह एक अच्छे प्रभाव के तौर पर देखा जाता है | और बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी इन सभी चीजों पर नज़र रखती है |

 

छोटे सुरक्षित लोन के साथ शुरुआत करें -

आप चाहो तो कम राशि वाले लोन और छोटे सुरक्षित लोन के आवेदन के साथ शुरुआत कर सकते हो | ऐसा करने से आपको एक शुरुआत मिलिगी (start up) | जिसका फ़ायदा आपको सिबिल स्कोर में देखने को मिलेगा | अगर आप सफलतापूर्वक शुरुआत में लिए हुए लोन को चुकाते हो तो यह आपके क्रेडिट हिस्ट्री में शामिल हो जाएगा और बैंक द्वारा आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की जाँच किए जाने पर एक अच्छा प्रभाव पड़ता है |

 

रोजगार -

पहली बार ले रहे कोई उधार के लिए उधार्धारक का रोजगार बहुत मायने रखता है | बैंक आपके रोजगार के बारे में भी विचार करता है | अगर किसी व्यक्ति का रोजगार किसी प्रतिष्ठित कंपनी या कोई प्राइवेट सेक्टर में अच्छे औदे पर है तो बैंक किसी ऐसी व्यक्ति की तुलना में जिसका रोजगार स्थायी नहीं है या कोई छोटा-मोटा काम करने वाले में से उस व्यक्ति को चुनना पसंद करेगा जिसका रोजगार ठीक और स्थायी है क्योंकि जोखिम भी दोनों की तुलना में उस व्यक्ति के लिए कम होगा जिसका रोजगार बेहतर और अच्छा है | 

 

उधार्धारक का निवास -

उधार्धारक अगर बहुत समय से अपने खुद के निवास पर रहता है या उनका खुद का कोई घर है तो उनके लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होता है उन लोगो की तुलना में जिनके पास खुद का कोई घर नहीं है या वह लोग किसी किराए के मकान में रहते हैं | बैंक की नज़रों में यह सभी बातें मायने रखती है और बैंक या कोई वित्तीय संस्था इन चीजों पर भी विचार करता है और ध्यान रखता है |

 

लेनदेन की हिस्ट्री (history of transactions) -

बैंक उधार्धारक के लेनदेन की हिस्ट्री की जाँच करता है | आप आपने बैंक के द्वारा दिनभर या महीनेभर में कितने लेनदेन करते हो इन सभी का एक रिकॉर्ड बैंक चेक करता है | इसी के मुताबिक ही बैंक यह अनुमान लगाता है की आपकी आर्थिक स्थिति (financial condition) कैसी है, और अगर आपको कोई लोन प्रदान किया जाता है तो भविष्य में क्या आप उसको चुका के लिए सक्षम हो या नहीं और यह किसी भी नए उधार्धारक के लिए एक सही मौका होता है की वह अपने लिए लोन स्वीकृत करवा सकते हैं

 

|उमीद करता हु दोस्तों आपको समझ अ गया होगा की सिबिल स्कोर क्या है ? (cibil score kya hota hai) और सिबिल स्कोर रेंज क्या है (Cibil score range kya hota hai ) कोई ओर सवाल हो या आपको कुछ पूछना हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में आप पूछ सकते है और Loan और Insurance से रिलेटेड जानकारी के लिए आप  www.loanofferme.com पर विजिट कर सकते है यहाँ आपको लोन और इन्सुरांस से रिलेटेड साड़ी जानकारियाँ मिलती है वो भी हिंदी में  , धन्यवाद !

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.