लोन क्या होता है और कैसे लेते है ? Loan kya hota hai - loan kaise le

 लोन (ऋण) क्या होता है ? - Loan kaise lete hainloan kya hota hai

Loan kya hota hai in hindi


आज हम जानेंगे लोन क्या होता है ? , लोन कितने प्रकार के होते है ?, सुरक्षित लोन क्या होता है ? (secured loan kya hota hai ), असुरक्षित लोन क्या होता है? (unsecured loan loan kya hota hai ), पर्सनल लोन क्या होता है ? (personal loan kya hota hai ) , पर्सनल लोन कैसे लेते हैं ? (Personal loan kaise le), क्रेडिट कार्ड लोन क्या होता है ? (credit card loan kya hota hai )होम लोन क्या होता है ? (home loan kya hota hai ), होम लोन कैसे लें (Home loan kaise le) , होम रेनोवेशन लोन क्या होता है ? , होम रेनोवेशन लोन कब लेना चाहिए ?, शिक्षा लोन क्या होता है? (education loan kya hota hai ,दो पहिया वाहन लोन क्या होता है? (two wheeler loan kya hota hai ), बाइक लोन क्या होता है? (bike loan kya hota hai ), बाइक लोन कैसे लें? (bike loan kaise le ), कार लोन क्या होता है? (car loan kya hota hai ), गोल्ड लोन क्या होता है? (gold loan kya hota hai ), मुद्रा लोन क्या होता है? (mudra loan kya hota hai ), एग्रीकल्चर लोन क्या होता है? (Agriculture loan kya hota hai ), फिक्स्ड डिपोजिट के विरुद्ध लोन क्या होता है?  (loan against fixed deposits kya hota hai )म्यूच्यूअल फंड्स और शेयर्स के विरुद्ध लोन क्या होता है?  (loan against mutual funds and shares kya hota hai ) बिमा (इन्सुरांसके विरुद्ध लोन क्या होता है ?  (loan against insurance kya hota hai ) , ट्रेक्टर लोन क्या होता है ? (Tractor loan kya hota hai) , पेंशन लोन क्या होता है? (Pension loan kya hota hai ), बिज़नस लोन क्या होता है? (Short-term loan kya hota hai ), शोर्ट-टर्म बिज़नस लोन क्या होता है? (Short-term business loan kya hota hai ), paytm लोन क्या होता है? (Paytm loan kya hota hai ), पेटिएम से लोन कैसे ले? (paytm loan kaise liya jata hai ), सिबिल स्कोर कैसे बढाए (CIBIL Score badhane ke 8 tarike) और क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में भी जानेंगे साथ में जानेंगे लोन लेने के फायदे क्या है और लोन लेने के नुकसान क्या है और भी कई जानकारियाँ |



लोन क्या है ? ( What is loan in hindi )

Loan kya hota hai : लोन शब्द से बहुत से लोग परिचित (familiar) होंगे क्योंकि हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में इसके बारे में सुनते ही रहते है फिर चाहे वह टेलीविज़न में विज्ञापन के माध्यम से हो या फिर आपके स्मार्ट-फ़ोन के द्वारा कहीं न कहीं से हमें लोन के बारे में जानकारी प्राप्त हो जाती है | किसी व्यक्ति के लिए, लोन बहुत ही मददगार और अच्छा साबित हो सकता है तो वहीं यह आपको मुसीबत में भी डाल सकता है | अगर आप आर्थिक रूप से सही और बेहतर हो तो यह आपको समझना होगा की आपको लोन कब और किस समय लेना चाहिए, ज़रूरत व आवश्यकता पड़ने पर ही लोन के लिए आवेदन करें | और यदि आप उन लोन को सही समय और उनका पूरा भुगतान करने का जोखिम नहीं उठा सकते हो तो लोन आपके लिए कभी भी एक बेहतर अथवा सही विकल्प और विचार नहीं हो सकता है | लोन के लिए आप जब कभी भी आवेदन करें तो सोच-समझकर और विचार-विमर्श कर ही करें | तो चलिए पता लगाते हैं की लोन होता क्या है ? और लोन के कितने प्रकार होते हैं ? 

 

लोन की परिभाषा है की यह एक अमाउंट होता है जो कोई अकेला व्यक्ति (individual), लोगों का समूह (group  of people), या कंपनियां किसी बैंक, या किसी वित्तीय संस्था (financial institution) से उधार लेते हैं, ताकि वह वित्तीय तरीके से नियोजित व् अनियोजित आयोजन (events) को प्रबंधित कर सकें | उधार्धारक जब कर्ज लेता है तो एक तरह से वह कर्जदार कहलाया जाता है | उधार्धारक (borrower) के द्वारा लिए हुए लोन को एक निर्धारित समय के बाद और ब्याजदर के साथ चुकाना होता है |   

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जब कभी आप किसी व्यक्ति, दोस्त, बैंक, लेंडिंग कंपनी या किसी वित्तीय संस्था से पैसे उधार लेते हो और उसके बदले भविष्य में प्रिंसिपल अमाउंट और इंटरेस्ट रेट के साथ उन पैसों का भुगतान, दिए गए समयकाल के अंतर्गत करते हो तो वह लोन कहलाता है | प्रिसिपल अमाउंट वह पैसे होते हैं जो आपको उधार दिए जाते हैं और इंटरेस्ट रेट वह शुल्क व ब्याज होता है जो आपको उस लोन पर चुकाना होता है, या कह सकते हैं की प्रिंसिपल अमाउंट पर लगने वाला एक प्रकार का शुल्क इंटरेस्ट रेट (ब्याज) कहलाता है | अलग-अलग तरह के लोन पर अलग-अलग ब्याजदर तय किए और वसूले जाते हैं |

कोई भी प्रकार के लोन देने से पहले उधारदाता (लोन देना वाला) और उधार्धारक (लोन प्राप्त करने वाला) को लोन की सभी नियम व् शर्तों पर सहमत होना चाहिए, ताकि भविष्य में दोनों पार्टियों में से किसी को भी, किसी भी प्रकार प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े | बहुत से  प्रकार के लोन  में उधारदाता कोलैटरल (collateral) और किसी गारंटर की मांग करता है जो की उधार्धारक को लोन की स्वीकृति के लिए प्रदान करना होता है | बैंकिंग के क्षेत्र में कोलैटरल (collateral) का अर्थ होता है, की वह संपत्ति (asset) (कार, घर, जगह-संपत्ति आदि) जो की बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी सिक्यूरिटी के तौर पर आपसे मांग करते हैं | कोलैटरल किसी भी लेंडर के लिए एक संरक्षण (protection) के तौर पर काम करता है | बैंक कोलैटरल को सिक्यूरिटी के समान जमा करते हैं क्योंकि किसी परिस्थिति में यदि भविष्य में उधार्धारक (borrower) लिए हुए लोन को नहीं चुकता है तो बैंक या उधारदाता (lender) को यह हक़ होता है की वह उस संपत्ति (assets) को जब्त कर सकता है और उसको बेचकर लोन की राशि, व नुकसान की भरपाई कर सकता है |

लोन किसी को भी दिया जा सकता है जिसमें कोई व्यक्ति, कोई कोर्पोरेशन (corporation), कोई लोगों का समूह आदि  शामिल हो सकता है | लोन लेने के पीछे किसी व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य यही होता है की वह अपने वित्तीय ज़रूरतों और जिस वजह के लिए लोन लिया गया है उनको पूरा कर सके | और बैंकों द्वारा लोन पर वसूले गए ब्याजदर और अन्य शुल्क बैंकों के लिए एक आय के तौर पर काम करते हैं | लोन्स को मोटे तौर पर सुरक्षित और असुरक्षित लोन में वर्गीकृत (बाँटना) (categorized) किया गया है | सुरक्षित लोन जैसे की होम लोन, ऑटो लोन आदि प्रकार के लोन जिनमें  सिक्यूरिटी के तौर पर कोलैटरल को शामिल किया जाता है | अगर भविष्य में कोई व्यक्ति लिए हुए सुरक्षित लोन नहीं चुकाता है तो बैंक उसके द्वारा प्रदान की गई संपत्ति को अपने अंतर्गत जब्त कर लेता है ताकि वह लोन के नुकसान की भरपाई कर सके | और असुरक्षित लोन जैसे की एजुकेशन लोन, पर्सनल लोन आदि प्रकार के लोन जिनमें सिक्यूरिटी के तौर कोई संपत्ति की मांग नहीं की जाती है | यदि कोई व्यक्ति असुरक्षित लोन को नहीं चुकाता है तो बदले में बैंक द्वारा उधार्धारक से जब्त करने के लिए कोई वास्तु नहीं होती है | लेकिन ऐसी परिस्थिति में बैंक उधार्धारक को चूककर्ता (defaulter) की श्रेणी में शामिल कर देता है जो को उधार्धारक के लिए बहुत ही परेशानिजनक साबित हो सकता है | और साथ ही बैंक कानून की मदद लेते हुए उधार्धारक पर कोई कानूनी करवाई कर सकता है | 

 

लोन कितने प्रकार के होते हैं ? (Types of loan in hindi )

 

हमारे भारत देश में बहुत प्रकार के लोन उपलब्ध हैं | ज़रूरत पड़ने पर आप इन लोन का सहारा ले सकते हैं | नीचे दिए गए कुछ प्रकार के लोन -

 

1.    सुरक्षित लोन (secured loan kya hota hai ) -

इन प्रकार के लोन में आपको कोलैटरल प्रदान करना होता है जिसमें आप सिक्यूरिटी के तौर पर अपने किसी संपत्ति (एसेट) को जमा करते हो, ताकि आपको बैंक या कोई वित्तीय संस्था लोन प्रदान कर सके | यदि कोई व्यक्ति लिए हुए लोन को नहीं चुकाता है तो बैंक के पास आपके द्वारा प्रदान किए हुए एसेट होते हैं जिनके माध्यम से वह दिए लोन की भरपाई कर सकते हैं | सुरक्षित लोन पर ब्याजदर उन लोन के मुकाबले कम ही होता है जिनमें आपसे कोई कोलैटरल की मांग नहीं करता है | होम लोन, संपत्ति के विरुद्ध लोन (loan against property)  गोल्ड लोन, ऑटोमोबाइल लोन आदि प्रकार के लोन सुरक्षित लोन के उदाहरण  हैं |

 

2.  असुरक्षित लोन (unsecured loan loan kya hota hai ) -

इन प्रकार के लोन में आपको कोलैटरल प्रदान नहीं करना होता है जिसमें आपको सिक्यूरिटी तौर पर बैंक में कोई वास्तु या संपत्ति जमा नहीं करनी होती है | असुरक्षित लोन के लिए, बैंक आपके क्रेडिट स्कोर, क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट हिस्ट्री को देखते हुए प्रदान करते हैं मतलब की अतीत में आपने अगर एक या एक से अधिक कोई लोन लिया हो तो उसकी वह पूरी जाँच-पड़ताल करते है की आपने सही समय पर उस लोन को चुकाया है या नहीं, आपसे कोई लोन की किश्त तो नहीं छूटी है न, आपने कोई विलंब शुल्क (late fee) के साथ भुगतान तो नहीं किया आदि प्रकार की बातों पर बैंक गौर करता है और उन्हीं के मुताबिक ही बैंक आपको लोन प्रदान करने के बारे में विचार करतें हैं  की भविष्य में आप उस लोन को चुकाने के लिए सक्षम हो भी या नहीं | और भी चीजें जो मायने रखती हैं जैसे की उधार्धारक की नौकरी और रोजगार, उसके रहने का ठीकाना की वह खुदके के पर रहता है या किसी किराए के मक़ाम में |

असुरक्षित लोन प्रदान करने में बैंक को जोखिम ज़्यादा होता है इसके बावज़ूद भी बैंक आप पर भरोसा कर के ही और आपके पिछले क्रेडिट के अभिलेख (record) को देखते हुए आपको लोन प्रदान करता है | पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, शोर्ट-टर्म बिज़नस लोन आदि प्रकार के लोन असुरक्षित लोन के उदाहरण हैं |

 

3.    पर्सनल लोन (personal loan kya hota hai ) -

इस लोन को आप ज़्यादातर हर बैंक से प्राप्त कर सकते हो | ज़्यादातर बैंक आपको यह लोन प्रदान करने का प्रस्ताव देते हैं | इस लोन की सबसे अच्छी बात यह है की  इस लोन के माध्यम से उधार्धारक आपनी किसी भी प्रकार की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं | जैसे की कोई नई वास्तु खरीदना हो, आपने बिल्स का भुगतान करना हो, कहीं छुट्टियाँ मनाने बहार जाना हो, विवाह के फंक्शन के लिए हो आदि प्रकार के लिए आप पर्सनल लोन ले सकते  हो | [पर्सनल लोन लोन के नाम से ही ज्ञात हो रहा होगा की आप पर्सनल लोन अपनी ज़रूरतों को पूरा और प्रबंधित managed) कर सकते हैं |

 

ये भी देखें >> पर्सनल लोन क्या होता है , पर्सनल लोन कैसे ले ? पूरी जानकारी 


4.  क्रेडिट कार्ड लोन (credit card loan kya hota hai )  -

जब कभी भी आपक क्रेडिट कार्ड का इस्तमाल करते हुए कोई वास्तु या चीजें खरीदते हो तो यह आपको जानकारी होगी और समझ में आता होगा की सभी खर्चों के बाद आपको आखिरी में उस बिल का भुगतान करना होता है जो की एक तरह से लोन के ही समान काम करता है | क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए आप ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन शोपिंग कर सकते हो, ज़्यादातर हर जगहों पर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल होता है तो इसलिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हुए आप बहुत सी चीज़ों का भुगतान कर सकते हो |

 

5.  होम लोन (home loan kya hota hai ) -

जब आप नए घर खरीदने के बारे में विचार बना रहे हों और आपका मन और दिमाग यह निश्चित भी कर लेता है की आपको अब नया घर खरीदना चाहिए तो परिस्थिति में होम लोन आपके लिए मददगार साबित हो सकता है | क्योंकि घर खरीदने के लिए इकठ्ठा पैसे जुटा पाना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है तो उन लोगों के लिए होम लोन जैसी सुविधा उपलब्ध है | वह इस लोन की सहायता से अपने लिए और अपने प्यारों के लिए सपनों का घर खरीद सकते हैं | आमतौर पर इन लोन के भुगतान की अवधि लंबे समय के लिए होती है जैसे की 20 से 30 वर्ष का समय | कोई भी बैंक द्वारा आपको यह ऋण मिलने की ज़्यादा संभावनाएँ तभ बढ़ जाती है जब आपका क्रेडिट/सिबिल स्कोर अच्छा और अति उत्कृष्ट होता है, क्योंकि बैंक आपके लोन के लिए आवेदन के वक़्त सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर की जाँच करता है और अच्छा पाने पर ही आपके लोन की प्रक्रिया को वह आगे बढ़ाते हैं |

 

होम लोन ज़्यादातर नए घर खरीदने के लिए ही लिया जाता है लेकिन कुछ और उद्देश्यों के लिए भी होम लोन को गिना जाता है जैसे की पहले से ही मौजूद घर के नवीनीकरण के लिए (home renovation), घर को बढ़ाने के लिए (home extensions), नए घर की ज़मीन खरीदने के लिए (land purchase for new home) इत्यादि |

 

6.    गृह नवीनीकरण ऋण (होम रेनोवेशन लोन)-

ज़रूरी नहीं है की हमें हर बार नया घर खरीदने का विचार करना चाहिए | कई बार हमारे पुराने घरों को भी हमारी ज़रूरत होती है उनको भी मरम्मत की ज़रूरत पड़ती है | हमारे घर जहाँ हम - आप रहते हैं वह हमसे आपसे बहुत कह रहे होते हैं, उनको देखकर, सुनकर हमे ही उनको ठीक करना होता है | और बहुत बार आप अपने घर को एक नया रूप देना चाहते हैं तो आपके लिए होम रेनोवेशन लोन से बढ़िया विकल्प और कुछ नहीं हो सकता है | यह एक प्रकार का लोन है जो आपको आर्थिक रूप से मदद करता है ताकि आप अपने घरों को एक नया, सुन्दर, रूप दे सकें और आप अपने मुताबिक उसे सजा सकें और नवीनीकरण करा सकें | इस लोन की सहायता से आप बहुत से कामों को अंजाम दे सकते हैं जैसे की लोन की राशि का इस्तेमाल करते हुए आप घर के नवीनीकरण के लिए कोई नई  वास्तु व चीज़ खरीद सकते हो, सेवाओं के लिए भुगतान कर सकते हो, लेबर चार्ज दे सकते हो, किसी कोंट्रेक्टर (ठेकेदार), वास्तुकार (architect), आतंरिक सज्जाकार (interior decorator),की फीस का भी भुगतान कर सकते हो | लोन की राशि से आप फर्नीचर, या घरेलु उपकरण जैसे की टेलीविज़न, वाशिंग मशीन, फ्रिज, एयर-कंडीशनर आदि सामान भी खरीद सकते हो | घर को नया पेंट करवाना हो या कोई दीवार चिनना (wall masonry) हो आदि प्रकार के सभी कम जो आप अपने घर के नवीनीकरण के करवाना चाहते हो तो वह आप होम रेनोवेशन के लिए कर सकते हो |                                 

 

7.  एजुकेशन लोन (education loan kya hota hai ) -

कोई एजुकेशन लोन तब प्राप्त किया जाता है जब आपको आपने एजुकेशन से जुड़ी चीजों को वित्त करना होता है जिसमें आपकी कॉलेज की फीस के साथ-साथ अन्य प्रकार के खर्चों को भी जोड़ा जाता है | अगर कोई छात्र आपने स्कूल के बाद आगे की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं जुटा पाता है तो वह अपनी पढ़ाई को ज़ारी और आगे बढ़ाने के  लिए एजुकेशन लोन को विकल्प तौर पर चयन कर सकता है | इस लोन को प्राप्त करते वक़्त छात्र ही मुख्या उधार्धारक होता है लेकिन co-applicant के रूप में छात्र के माता-पीता, भाई-बहन, चाचा, आदि कोई भी रिश्तेदार अथवा जानकार बन सकता है | एजुकेशन लोन की मदद से कोई छात्र भारत और विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है और जैसे ही पढ़ाई ख़त्म होने के बाद उनकी नौकरी लग जाती है तो उन्हें अपने लोन की राशि का भुगतान करना होता है | 

 

8.  दो-पहिया ऋण (two-wheeler loan) / बाइक लोन (bike loan)-

Bike loan kya hota hai : यह एक बहुत ही आसन सा लोन है और बहुत से लोग इस लोन को लेना पसंद भी करते हैं क्योंकि इस लोन की मदद से आप कोई भी टू-व्हीलर जैसे की बाइक, स्कूटर, स्कूटी आदि प्राप्त कर सकते हो | आपने यह अक्सर देखा होगा की किसी व्यक्ति के घर में चाहे कोई 4-पहिया गाड़ी हो न हो लेकिन 2-पहिया वाहन आपको देखने को मिल सकता है | चार-पहिया वाहन के मुकाबले दो-पहिया वाहन को ज़्यादातर लोग जुटा सकते हैं | जो लोग सुपर-बाइक्स को खरीदने का सपना देखते हैं वह भी इस लोन की मदद से उसे प्राप्त कर सकते हैं | सुपर- बाइक्स का जुनून और शौक बहुत से लोगों में होता है | लेकिन इन बाइक्स की किमात आम बाइक्स के मुकाबले बहुत ज़्यादा भी होती है जिस को खरीदने किए लिए इकठ्ठा पैसे जोड़ पाना किसी व्यक्ति के लिए मुश्किल हो सकता है | इसलिए कोई चाहे तो वह बाइक लोन ले सकता है और उसकी मदद से अपनी मन-पसंद की बाइक खरीद सकता है | 

 

9.    कार लोन (car loan kya hota hai ) -   

बहुत से लोगों का यह सपना होता है की उनके पास भी खुदी की एक कार हो | लेकिन बहुत से लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपनी ड्रीम कार के लिए इकट्ठा पैसे नहीं जुटा पाते | लेकिन इस बात का भी हल है कोई व्यक्ति अपनी ड्रीम कार खरीदने के लिए कार लोन के विकल्प के बारे में विचार कर सकते हैं | कार घर में आने से किसी के लिए भी यह एक अलग ही प्रकार का उत्साह, ख़ुशी, और आनंद मिलता है | कार लोन की मदद से आप आपनी सपनों की कार को खरीदने का इरादा पूरा व साकार कर सकते हैं | यह कार एक तरह से आपकी संपत्ति बन जाती है और आप यह भी कह सकते हैं की आपके द्वारा कार खरीदना एक तरह से एक बड़ा निवेश (investment)  करना भी हो सकता है, जो बहुत सालों तक आपके साथ समय व्यतीत करने वाली कोई संपत्ति या वास्तु हो सकती है | लेकिन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट, सिबिल स्कोर, अथवा आपकी क्रेडिट हिस्ट्री एक बहुत ही अहम् भोमिका निभाती है आपके कार लोन के आवेदन और स्वीकृति के लिए | अगर आपका सिबिल स्कोर बहुत अच्छे अथवा अति उत्कृष्ट की श्रेणी में आता है तो आपके लोन स्वीकृत होने की संभावना बढ़ जाती है | इसलिए यह सलाह हमेशा दी जाती है की आप जितना हो सके उतना अपने क्रेडिट हिस्ट्री को साफ़ और सही रखें और साथ में अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बनाए रखें |

 

10.   गोल्ड लोन (gold loan kya hota hai ) -

जब कभी हम पहले से नियोजित वित्तीय आवश्यकता होती है जैसे की फंड्स की ज़रूरत होना, कोई छोटे बिज़नस में निवेश करना, आपातकालीन वैद्यक-संबंधित (मेडिकल) परेशानी के लिए, पढ़ाई के लिए या आपातकालीन पैसों की ज़रूरत पड़ जाना, आदि प्रकार के सभी स्थिति में आप गोल्ड को विकल्प के तौर पर चयन कर सकते हो | घर या बैंक में रखा हुआ गोल्ड आपके लिए बहुत सहारा बन सकता है | गोल्ड के विरुद्ध आप लोन प्राप्त कर सकते हो | गोल्ड लोन लेने में कोई बुराई नहीं हैं क्योंकि आपका सोना आपके ही काम आता है बस आपको अपने लोन की EMI को सही समय और पुरे भुगतान के साथ चुकाना है और गलती से भी कोई किश्त छूटनी नहीं चाहिए | गोल्ड लोन एक प्रकार का सुरक्षित लोन होता है जिसमें आप गोल्ड को सिक्यूरिटी के तौर पर बैंक में जमा करते हो जिसके बदले बैंक आपको लोन प्रदान करता है, और जैसे ही आप अपने लोन की राशि को पूरा चुका देते हो तो बैंक आपके द्वारा दिए हुए गोल्ड को आपको वापस सौंप देते हैं | यदि किसी प्रस्थिति में अगर उधार्धारक लोन नहीं चुकाता हैं तो बैंक को या हक़ होता है की वह आपके संपत्ति (गोल्ड) से अपनी नुकसान की भरपाई कर लें | गोल्ड लोन भी बहुत ही चर्चित लोन माना जाता है |

 

11.एग्रीकल्चर लोन (agriculture loan kya hota hai ) -

यह लोन किसानों के लिए होता है ताकि वह आपने कृषि से संबंधित कार्य और उनमें इस्तेमाल होने वाले औजारों और उपकरणों के लिए ले सके | इस लोन की मदद से किसान लोग कृषि से जुड़ी सभी ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं | लोन के माध्यम से फिर चाहे वह कोई ट्रेक्टर खरीद भी सकते हैं या फिर कोई अन्य उपकरण भी जो उनके लिए खेते-बाड़ी में मददगार साबित हो सकते हैं | एग्रीकल्चर लोन अल्पकालिक (short time) या दीर्घकालिक (long term) अवधि के लिए भी हो सकते हैं |

 

12.   फिक्स्ड डिपोजिट के विरुद्ध लोन (loan against fixed deposits kya hota hai ) -

यह लोन आपको तभी प्राप्त हो सकता है जब आपने कोई अमाउंट बैंक में फिक्स्ड डिपोजिट करा रखा हो | इस प्रकार के लोन में आपका फिक्स्ड डिपोजिट ही कोलैटरल की भूमिका निभाता है | यानि आपका फिक्स्ड डिपोजिट एक तरह से लोन के लिए सिक्यूरिटी के तौर पर काम करता है यदि भविष्य में अगर आप लोन नहीं चुका पाते हो तो बैंक आपके फिक्स्ड डिपोजिट को आपने अंतर्गत ज़ब्त कर लेता है | आमतौर पर फिक्स्ड के विरुद्ध लोन लेने में आपको उच्च ब्याज दर चुकाना पड़ सकता है |

 

13.  म्यूच्यूअल फंड्स और शेयर्स के विरुद्ध लोन (loan against mutual funds and shares kya hota hai ) -

कुछ उधारदाता (उधार देने वाला) आपको, आपके म्यूच्यूअल फंड्स तथा शेयर्स वैल्यू के विरुद्ध लोन प्रदान करते हैं | यानि की आपके पास जो भी शेयर वैल्यू और जो भी म्यूच्यूअल फंड्स वैल्यू मौजूद है उनके विरुद्ध आप लोन प्राप्त कर सकते हैं | लेकिन इन प्रकार के लोन के माध्यम से आप ज़्यादा राशि वाले लोन प्राप्त नहीं कर सकते हो |

 

14.   बिमा (इन्सुरांस) के विरुद्ध लोन (loan against insurance kya hota hai ) -

अगर आपकी बिमा योजना (स्कीम) किसी लोन के लिए योग्य है तो आप आपनी बिमा कंपनी या बीमाकर्ता से लोन अमाउंट प्राप्त कर सकते हो तथा लाभ उठा सकते हो | आपने जो भी पैसे अपनी बिमा में निवेश किए हैं, तो बैंक, या उधारदाता उस निवेश को कोलैटरल के तौर पर देखता है और उसे सिक्यूरिटी के रूप में इस्तेमाल करता है | लेकिन आपको यह ध्यान रखना है की किसी भी बिमा के शुरुआती दौर में आप उसके विरुद्ध लोन नहीं प्राप्त कर सकते हैं | क्योंकि कोई भी बैंक आपको इतनी जल्दी और बिमा के निवेश के शुरूआती समय में आपको लोन प्रदान नहीं करते हैं|        

 

15.  मुद्रा लोन (mudra loan kya hota hai ) -

यह लोन छोटे उद्योग के लिए शुरू किए गए थे | इस लोन लोन की मदद से आप आपने कोई छोटे-मोटे कारोबार में निवेश कर कर सकते है | सबसे ज़रूरी बात आपको यह जान लेनी चाहिए क यह लोन कृषि और निगमित क्षेत्र (corporate sector) के लिए उपलब्ध नहीं होते है | इस लोन को आप छोटे लघु उद्योग बैंक, व्यावसायिक बैंक, NBFCs बैंक आदि प्रकार के प्राइवेट और सरकारी बैंकों से प्राप्त कर सकते हैं | इस लोन का मुख्या उद्देश्य यही है की छोटे लघु उद्योग पर ध्यान दिया जाए और उनको आर्थिक रूप से लोन की मदद से सहायता प्रदान की जाए |

मुद्रा लोन को तीन भागों में बाँटा गया है - “शिशु”, “किशोर”, “तरुण” | तीनों लोन की श्रेणी अलग लोन की राशि को दर्शाती है और प्रदान करती है > > मुद्रा लोन पूरी जानकारी 

 

16.  ट्रेक्टर लोन (tractor loan kya hota hai ) -

कई प्रकार के बैंक तथा लेंडिंग कंपनियां आपको ट्रेक्टर लोन प्रदान करते हैं | ट्रेक्टर कृषि संबंधित क्षेत्र में बहुत ही कारगर और काम का उपकरण या मशीन साबित होता है | ट्रेक्टर की मदद से बहुत से किसानों को कृषि में बहुत ही सहायता मिलती है और कई काम आसानी से हल हो जाते हैं फिर चाहे वह खेत जोतना हो या कोई सामान ढ़ोना हो, ट्रेक्टर कई प्रकार के कामों में मददगार साबित होता है | ट्रेक्टर के द्वारा कई प्रकार के काम किए जा सकते हैं जो की किसान और अन्य किसी व्यक्ति के लिए काम आ सकता है | ट्रेक्टर लोन की मदद से आप एक नया ट्रेक्टर खरीद सकते हो | ट्रेक्टर लोन में बैंक आपके ट्रेक्टर को कोलैटरल की रूप में मानती है | ट्रेक्टर लोन में आपको  ट्रेक्टर के साथ-साथ ट्रेक्टर के सहायक उपकरण और ट्रेक्टर के औज़ार भी प्रदान किए जाते हैं | >> ट्रेक्टर लोन की पूरी जानकारी 

 

17.  पेंशन लोन (pension loan kya hota hai ) -

यह लोन वरिष्ट नागरिकों के लिए होता है | इस लोन को भी बहुत से बैंक प्रदान करते हैं | कोई व्यक्ति जो की सरकारी नौकरी करता हो और नौकरी से निवृत्ति (retirement) होने के बाद उसकी एक पेंशन सरकार द्वारा प्राप्त की जाती हो तो वह व्यक्ति पेंशन लोन के लिए आवेदन कर सकता है | पेंशन लोन की मदद से पेंशन भोगी (जिसको पेंशन मिलती हो) अपने मुताबिक लोन की राशि का इस्तेमाल कर सकता है जैसे की कोई मेडिकल समस्या में, बच्चों की शादी के लिए, घर खरीदने तथा नया बनाने में इत्यादि ज़रूरतों में पेंशन लोन का इस्तेमाल किया जा सकता है | पेंशन लोन प्राप्त करने के लिए आपको बैंक के सभी पात्रता मापदंडों जैसे की उम्र, पेंशन-भोगी होना, आदि को पूरा करना होगा तभी आप लोन को प्राप्त कर सकते हो अन्यथा नहीं | अगर आप कोई फैमिली पेंशनर हो, तो आप भी पेंशन लोन के लिए आवेदन कर सकते हो | >> पेंशन लोन की पूरी जानकारी 

 

18.   बिज़नस लोन ( Business loan kya hota hai ) -

जब कोई व्यक्ति किसी प्रकार का बिज़नस करता है तो उस व्यक्ति को कैपिटल की ज़रूरत पड़ती है, फिर चाहे उस व्यक्ति का पहले से कोई बिज़नस चल रहा हो या फिर कोई नया बिज़नस शुरू करना चाहता हो पैसों की ज़रूरत किसी भी प्रकार के बिज़नस को संचालित करने में लगती/पड़ती है | बिज़नस के लिए लोन, दो प्रकार के लिए लिया जा सकता है -  शोर्ट-टर्म बिज़नस लोनऔरलॉन्ग-टर्म बिज़नस लोन” | कोई व्यक्ति अपना खुदा कोई नया या छोटा व्यापार शुरू करना चाहता है या पहले से ही मौजूद किसी व्यापार को और विस्तार करना चाहता है तो वह बिज़नस लोन की सहायता से इसकी शुरुआत कर सकता है | बिज़नस लोन बहुत से सरकारी तथा प्राइवेट बैंक प्रदान करते है जिनके माध्यम से आप लोन प्राप्त कर सकते हो | paytm जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां भी आपको ऑनलाइन ही ऐप के माध्यम से बिज़नस लोन प्रदान कर रहे हैं | >> बिज़नेस लोन की पूरी जानकारी 

 

19.  शोर्ट-टर्म बिज़नस लोन ( Short term loan kya hota hai ) -

यह एक प्रकार का बिज़नस लोन कहलाया जाता है | यह लोन असुरक्षित लोन की श्रेणी में गिना जाता है | इस लोन के माध्यम कोई व्यक्ति अपने बिज़नस में आने वाले रोज़ के खर्चों का भुगतान कर सकता है, और कोई व्यक्ति अपना बिज़नस इस लोन के माध्यम से आगे बढ़ा सकता है या अपने बिज़नस में बढ़ोतरी कर सकता है |

       वोर्किंग कैपिटल लोन

       कोई नई मशीन खरीदना या उसके पार्ट्स खरीदने के लिए लोन

       MSMEs (Micro, Small, and Medium Enterprises)  के लिए छोटे लघु उद्योग लोन

       व्यापारियों के लिए लोन

       निर्माताओं (manufacturer) के लिए लोन

       महिला उद्यमी के लिए लोन

       सेवा उद्यम के लिए लोन, इत्यादि     

 

 

इन्हें भी देखें -

ऊपर बताए गए लोन्स के अलावा भी आप इन लोन के बारे में जान सकते हैं | कुछ ऐसे ई -कॉमर्स ऐप और वेबसाइट मौजूद हैं जो आपको ऑनलाइन प्लेटफार्म के ज़रिए लोन प्रदान करते हैं, जिसमें ज़्यादातर वह कंपनियां ऐप के माध्यम से आपको लोन प्रदान किए जाते हैं | इन लोन की राशि ज़्यादा मात्रा में प्रदान नहीं की जाती है | नीचे दिए गए उनके नाम -

 

पेटीएम लोन (Paytm loan  kya hota hai )

Paytm se loan kaise le - इस ऐप का नाम आपने ज़रूर सुना होगा | हमारे भारत देश में यह एक बहुत ही बहु चर्चित ई-कॉमर्स ऐप | इस ऐप के माध्यम से आप अपने मोबाइल रिचार्ज, कोई ऑनलाइन बिल भरना, ऑनलाइन कोई टिकेट बुक करना, UPI अथवा paytm वॉलेट का इस्तेमाल करते हुए पैसे ट्रान्सफर या स्वीकार करना आदि प्रकार की सेवाओं का इस्तेमाल किया होगा | लेकिन उसे के साथ paytm जैसे प्लेटफार्म आपको ऑनलाइन ही लोन प्रदान कर रहे हैं | जैसे की पर्सनल लोन, बिज़नस लोन | इन लोन का लाभ आप तभी उठा सकते हो जब आप एक एक्टिव उपभोगता (active user) हो | नियमित तौर पर आप कितना paytm का इस्तेमाल करते हैं और उसके माध्यम से आप दिनभर या महीने में कितने लेनदेन करते हैं आदि प्रकार की सेवाओं के इस्तेमाल से ही आपको paytm की तरफ से आपको आपके paytm पर लोन प्राप्त करने के लिए विकल्प देखने को मिल जाता है | >> Paytm लोन की पूरी जानकारी  

 

Paytm के द्वारा प्रदान की जाने वाली एक सेवा जिसका नाम है - paytm पोस्ट पेड | उसका भी लाभ आप उठा सकते हो | यह एक तरह से क्रेडिट कार्ड सिस्टम के समान काम करता है जिसमें आपको पहले महीने में खर्च के लिए लोन प्रदना किया जाता है और फिर जिसको आप अगले महीने भुगतान करते हो |

यहाँ जानिए की आप paytm पोस्ट पेड से कितने राशि का लोन प्राप्त कर सकते हो - क्लिक करें 

 

कुछ ऐसे फैक्टर्स जो बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी आपको लोन देने से पहले चेक करते हैं ?

अगर आप कोई लोन लेने के बारे में विचार कर रहे हैं तो कुछ फैक्टर ऐसे हैं जो बैंक आपको लोन प्रदान करने से पहले ज़रूर चेक करते हैं | तो इसलिए आप खुद भी लोन के लिए आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए कुछ तथ्यों पर विचार कर लें और यह सुनिश्चित कर लें की आप इन तथ्यों पर खरे उतर पा रहे हो या नहीं | क्योंकि कोई भी बैंक इन फैक्टर्स की ज़रूर जाँच पड़ताल करता है -

 

क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री -

Credit Score or CIBIL Score : क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर यह फैक्टर बहुत ही महत्वपूर्ण भोमिका निभाता है की कोई बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी आपके द्वारा किए गए लोन के आवेदन को स्वीकार करेंगे या शुरुआत में ही आपके स्कोर को देखते हुए आपके लोन की एप्लीकेशन को रद्द कर देंगे, यह आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है |

एक तरह से आपका क्रेडिट स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाता है की आप अपने लोन्स को सही समय पर भुगतान करते हो या नहीं | आप अपने लोन की EMI को समय रहते चुकाते हो या नहीं | आप कोई चूककर्ता (defaulter) की श्रेणीं में तो नहीं हो आदि प्रकार की सभी जाँच पड़ताल बैंक करता है इन सभी बातों का अनुमान आपके सिबिल स्कोर को देखते ही लगा लिया जाता है | आपकी क्रेडिट हिस्ट्री से कोई उधार देनी वाली यह पता लगा सकती है की आप अपने लोन्स के प्रति कितने ईमानदार और सतर्क हो, और यह भी दिखलाता है की आपके द्वारा अतीत में लिए गए लोन्स की आप रीपेमेंट करते हो या नहीं | यह फैक्टर ही बताता है की आप भविष्य में कोई लोन को चुकाने में सक्षम हो पाओगे या नहीं | तो इसलिए यह हमेशा सलाह दी जाती है की आप अपने सिबिल स्कोर को जितना हो सके उतना उच्च रखें तथा उत्कृष्ट की श्रेणी में बनाए रखें क्योंकि अति उत्कृष्ट श्रेणी वाले सिबिल स्कोर के साथ आपके लोन के आवेदन की स्वीकृति होने की संभावना अधिक हो जाती है | अगर किसी व्यक्ति का स्कोर अच्छा है तो लोन मिलने की संभावनाएँ वहाँ पर भी होती हैं |


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क्रेडिट स्कोर के साथ-साथ आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बहुत ही अहम् किरदार निभाती है | क्रेडिट हिस्ट्री आपके बीते समय में किए गए लोन्स के भुगतान को दर्शाती है | अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री साफ़ और सही नहीं है तो कोई भी बैंक आपको लोन प्रदान करने से पहले बहुत विचार-विमर्श करेंगे और हो सकता है की आपको लोन न प्रदान करें | खराब क्रेडिट हिस्ट्री के साथ आपको लोन प्राप्ति होने में बहुत ही कठनाइयों तथा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है | तो इसलिए जितना हो सके आप अपने लोन की किश्तें को समय पर भर दें और हमेशा कोशिश यह रखें की आपसे कोई किश्त छूट न जाएँ या आप कोई लोन की किश्त जानबूझ कर न छोड़ें , ताकि आपकी क्रेडिट साफ़ और बेहतर दिखे, जिससे आपको लोन मिलने में आसानी हो सकती है |

 

उधार्धारक की आय (income) -

यह एक और पहलू है जो आपके लोन आवेदन को स्वीकृत होने में बहुत मदद करता है | किसी व्यक्ति की आय (इनकम) अगर लगातार किसी नौकरी या किसी खुद के व्यापार से आ रही है तो यह आपके लोन के आवेदन और उसके स्वीकृत होने के लिए ज़रूरी फैक्टर है | अगर आपकी इनकम अच्छी है तो बैंक आपको लोन प्रदान कर सकता है | क्योंकि आपकी इनकम को देखते हुए बैंक यह अनुमान लगा सकता है की अगर भविष्य में आपको लोन प्रदान कर दिया जाए तो आप उसको समय के साथ चुका सकते हो | इसलिए आपकी अच्छी और बेहतर आय (इनकम) के साथ आप बैंक या कोई लेंडिंग कंपनी को आश्वस्त (convinced) कर सकते हो की आप लोन को सही समय और पूरा चुकाने में सक्षम हो, तो बैंक आपकी इस बात पर विचार कर सकते हैं |

 

लोन-से-आय का अनुपात (debt-to-income ratio) (DTI) -

आपकी आय (इनकम) के साथ-साथ आपका लोन-से-आय का अनुपात (ratio) भी आपके लोन की स्वीकृति में बहुत-बहुत भोमिका निभाता है | कोई भी बैंक आपको लोन प्रदान करने से पहले आपका DTI (debt-to-income ratio) की गणना (calculate) ज़रूर करता है | और अगर आपका DTI ज़्यादा पाया जाता है तो हो सकता है की बैंक आपको लोन प्रदान न करें, क्योंकि आमतौर पर जितना कम (20% से 30%) आपका DTI होगा उतना ही आपके लोन की स्वीकृत होने के संभावना बढ़ जाती है |

लोन-से-आय का अनुपात से हम यह समझते हैं की यह एक प्रकार का अनुपात (ratio) होता है जिसमें आपकी आय और आपके लोन (ऋण) को कैलकुलेट किया जाता है मतलब की जितनी आपकी इनकम है, उस इनकम के मुताबिक आपके कितने खर्चे हैं जैसे की आपके स्वीकृत लोन की राशि और साथ में आपके बाकि के घर के खर्चें और अन्य खर्चें इन सभी को देखकर कैलकुलेट किया जाता है |

उदाहरण के तौर पर समझते हैं की मान लीजिए किसी व्यक्ति की आय 50 हज़ार प्रति माह है और उस व्यक्ति को लोन चुकाने की प्रतिबद्धता पहले से ही 35 हज़ार से अधिक तय की गई है तो उस व्यक्ति को कोई नया लोन नहीं प्रदान किया जाएगा क्योंकि उस बची हुई इनकम में से घरेलु खर्चे तथा अन्य खर्चों को संभालना अथवा देखना भी होगा |

इस रेश्यो (अनुपात) में आपकी इनकम के मुताबिक ही सभी खर्चों को कैलकुलेट और किया जाता है, घरेलू खर्चों और अन्य खर्चों को जोड़कर यह देखा जाता है की आप अपनी इनकम के मुताबिक लोन की राशि को चुकाने के लिए सक्षम हो पाओगे या नहीं | जितना आपका लोन-से-आय का रेश्यो कम होगा उतना ही आपके लोन को स्वीकृति होने के संभावना बढ़ जाती है |

 

कोलैटरल (collateral) -

बहुत से प्रकार के लोन्स में बैंक आपसे कोलैटरल की मांग करता है | और बहुत से ऐसे लोन हैं जिनमें आपको कोई कोलैटरल की ज़रूरत नहीं पड़ती | कोलैटरल एक तरह से किसी भी लोन के लिए सिक्यूरिटी के तौर पर काम करता है जिसमें बैंक या अन्य कोई वित्तीय संस्था आपकी किसी संपत्ति के विरुद्ध आपको लोन प्रदान करता है | यह बैंक के लिए सुरक्षा के समान होता है क्योंकि अगर उधार्धारक किसी प्रस्थिति में लोन की राशि को नहीं चुकाता है तो बैंक को यह हक़ होता है की उधार्धारक के द्वारा प्रदान की संपत्ति को वह ज़ब्त कर सकता है और उससे अपनी नुकसान की भरपाई कर सकता है |

 

लोन के फ़ायदे और विशेषताएँ  ( loan advantages and features ) -

       लोन के अनेक फ़ायदे हो सकते हैं | जिनका लाभ आप उठा सकते हो |

       लोन की मदद से आप अपनी वित्तीय ज़रूरतों को पूरा कर सकते हो |

       जिस वजह के लिए आप लोन के लिए आवेदन कर रहे होते हो तो उस ज़रूरत को आप लोन की स्वीकृति होने के बाद पूरा कर सकते हो |

        अगर आपका सिबिल स्कोर अति उत्कृष्ट श्रेणी में आता है तो ज़्यादा संभावना है की आपका लोन स्वीकृत हो सकता है और अच्छे, उत्तम सिबिल स्कोर के साथ आप बैंक से कम ब्याज दरों पर लोन प्रदान करने का आग्रह और बारगेनिंग कर सकते हो |

       आप आपातकालीन स्थिति में तुरंत (instant) लोन के लिए आवेदन कर सकते हो |

       अगर आपको अपने किसी बिज़नस में बढ़ोतरी या विस्तार करना है तो आप बिज़नस लोन की मदद से कर सकते हैं | और अगर आपको अपना खुद का कोई नया व्यापार शुरू करना है तो बिज़नस लोन के साथ आप शुरुआत कर सकते हैं |

       बहुत से बैंक और वित्तीय संस्था आपको आसान किश्तों पर लोन प्रदान करते हैं, जिस कारण आपको लोन चुकाने/पटाने में आसानी हो सकती है |

       कुछ शोर्ट-टर्म (अल्पकालिक ऋण) प्रकार के लोन होते हैं तो कुछ लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि वाले ऋण) प्रकार के लोन होते हैं |

 

लोन लेने के नुकसान -

       लोन के अगर फ़ायदे हैं तो नुकसान भी हैं | जिनसे आपको बचकर ही रहना चाहिए |

       अगर आप लोन को समय रहते नहीं चुकाते हो तो आपके लिए लोन फ़ायदे की जगह एक बड़ी मुसीबत बन सकता है |

       लोन के लिए आप तभी आवेदन करें जब आप उसको चुकाने के लिए सक्षम हो अन्यथा न करें |

       अगर आपसे लोन की कोई किश्त छूट जाती है या आप जानकर उस लोन की किश्त नहीं चुकाते हो तो यह आपके क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर पर बुरी तरह प्रभाव डालता है |

       खराब क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर के साथ कोई भी बैंक से आपको लोन प्राप्ति में बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है | और हो सकता है की कोई भी बैंक या लेंडिंग कंपनी आपके खारब और बुरे सिबिल स्कोर को देखते हुए आपको लोन प्रदान न करें |

       अगर आप कोई लोन जानबूझ कर नहीं चुकाते हो तो बैंक आप पर कानूनी करवाई कर सकता है और आपके द्वारा दी गई सिक्यूरिटी (संपत्ति) को ज़ब्त कर सकता है और तो और बैंक आपको चूककर्ता (defaulter) की श्रेणी में भी शामिल कर देगा जिस की वजह से आपको भविष्य में हो सकता है कोई भी बैंक लोन प्रदान न करें |  

 

  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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